कल अगर बेवफ़ा मैं हो जाऊँ ग़ैर से तुम भी प्यार कर लेना

                         


                     ग़ज़ल


चन्द साँसें उधार कर लेना
हाँ मेरा इंतज़ार कर लेना


लोग करते हैं तीर खंज़र से
तुम नज़र से शिकार कर लेना


कल अगर बेवफ़ा मैं हो जाऊँ
ग़ैर से तुम भी प्यार कर लेना


अपने गुस्से को मुझ पे कर ज़ाहिर
दिल का खाली गुबार कर लेना