ग्रेटर नौएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा Video Conferencing

 ग्रेटर नोएडा (भारत भूषण):- दिनांक 10.06.2020 को नरेन्द्र भूषण, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नौएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा  Video Conferencing (VC)  के माध्यम से प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (डी/जी) तथा परियोजना विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अर्बन विभाग, सिस्टम विभाग तथा उद्यान विभाग आदि के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली एवं एन.सी.आर. क्षेत्र में विगत 2 माह में आये भूकम्प(Earthquake) /दैवीय आपदा/महामारी/प्राकृतिक आपदा, टिड्डीदल का प्रकोप, आंधी तूफान आदि के सम्बन्ध में तथाउसके पीछे जनित कारणों तथा उससे बचाव एवं सावधानियों के सम्बन्ध में आवश्यक कार्ययोजना तैयार किये जाने के आशय से एक समीक्षा बैठक करते हुये आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।


दिल्ली एवं एन.सी.आर. क्षेत्र में विगत 2 माह में लगभग 14 बार भूकम्प (Earthquake) के हल्के-हल्के झटके महसूस किये गये हैं। केन्द्रीय पृथ्वी एवं विज्ञान मंत्रालय के अनुसार यह झटके रियेक्टर स्केल पर बहुत हल्के थे। दिनांक 10.06.2020 को दिल्ली एन.सी.आर. क्षेत्र में आंधी तूफान भी आया था, जिससे जन जीवन काफी अस्त व्यस्त हो गया था। जबकि पूर्व में कोविड-19 की महामारी के चलते निरन्तर सहायता एवं बचाव कार्य सम्पादित किये जा रहे हैं। ग्रेटर नौएडा क्षेत्र में टिड्डियों का प्रकोप होने की काफी कम संभावना है। परन्तु ऐतिहात के तौर पर इन सभी आपदाओं/समस्याओं से निपटने के लिये आवश्यक तैयारियां एवं प्रबन्ध किये जाने आवश्यक हैं। उक्त कारणो के दृष्टिगत यहां के निवासियों, प्रशासन तथा पुलिस व्यवस्था के अधिकारियों के लिये यह एक चिन्ता का विषय हो गया है। आने वाले समय में यदि भूकम्पों/दैवीय आपदा की पुनरावृत्ति होती है तथा भूकम्पों की तीव्रता अधिक होने पर तैयारियों, वैकल्पिक व्यवस्थाओं, राहत एवं बचाव कार्यो, अग्निशमन की सुविधाओं आदि के सम्बन्ध में व्यापक व्यवस्था एवं प्रबन्धन के साथ-साथ जिला प्रशासन, पुलिस विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ निरन्तर सम्पर्क एवं संवाद कायम रखने हेतु प्राधिकरण की ओर से एक नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाने तथा प्रत्येक सेक्टर/ग्राम हेतु सेक्टर इंचार्ज नियुक्त किये जाने की व्यवस्था लागू करने हेतु आदि के सम्बन्ध में आदेशित किया गया ।जिसके अन्तर्गत प्रभावी व्यवस्था में आवश्यक सुविधाये एवं सेवायें उपलब्ध कराने तथा एक टीम की तरह चुनौतियों का सामना करने हेतु कार्ययोजना का मसौदा तैयार करने हेतु भी आवश्यक दिशा निर्देशजारी किये गये। साथ ही आपदा प्रबन्धन अधिनियम (Disaster management Act)के अन्तर्गत भूकम्प/दैवीय आपदा के समय आपदा प्रबन्धन, योजना, संगठन, समन्वयक, कार्यान्यवन की निरन्तर प्रक्रिया निम्नलिखित कारको के अधीन सम्पादित की जाती है-
 किसी आपदा या उसकी आशंका का निवारण। 
 किसी आपदा या उसके गंभीरता या उसके परिणामों के जोखिम का शमन या कमी।
 क्षमता निर्मााण, किसी आपदा से निपटने के लिये तैयारियां। 
किसी आपदा की आशंका की स्थिति या आपदा से तुरन्त बचाव।
 किसी आपदा के प्रभाव की गंभीरता या परिणाम का निर्धारण, निष्क्रमण, बचाव व राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण आदि। उक्त के क्रम में निम्नलिखित आवश्यक विन्दुओं पर दिशा निर्देश/आवश्यक कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया है-
1. भूकम्प/दैवीय आपदा हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाने विषयक-
ऽ उक्त बैठक में ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सर्वप्रथम ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण की ओर से भूकम्प/प्राकृतिक/दैवीय आपदा हेतु एक नोडल अधिकारी तत्काल नियुक्त किया जाये। उक्त नोडल अधिकारी जिला प्रशासन, पुलिस विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग जिला आपदा नियन्त्रक अधिकारी तथा इस सम्बन्ध में प्रदेश तथा केन्द्र स्तर के सम्बन्धित सरकारी विभागों से निरन्तर सम्पर्क/संवाद रखते हुये समन्वय स्थापित करेगा तथा समय समय पर प्राप्त होने वाली सुचनाओं, शासनादेशों एवं आकस्मिक परिस्थितियों में मिलने वाले आदेशों से तत्काल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सम्बन्धित अधिकारियों को तत्काल अवगत करायेगा।
2. ग्रेटर नौएडा के प्रत्येक सेक्टर/ग्राम हेतु एक सेक्टर इंचार्ज नियुक्त किये जाने के सम्बन्ध में-
ऽ जिस तरह प्राधिकरण द्वारा पूर्व में कोविड-19 के दौरान सेक्टर इंचार्ज/अधिकारी नियुक्त किये गये थे, उसी के अनुरूप भूकम्प/प्राकृतिक/दैवीय आपदा हेतु सेक्टर इंचार्ज/अधिकारी नियुक्त किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। जिससे कि सेक्टर इंचार्ज/अधिकारी अपने सेक्टर की भौगोलिक परिस्थितियों से भलिभांति परिचित हो जायें तथा सम्बन्धित सेक्टर/ग्राम के पदाधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों तथा आर.डब्लू.ए. के पदाधिकारियों आदि से संवाद बना के रखें यदि कोई प्राकृतिक आपदा/भूकम्प आदि की घटना घटित होती है तो तत्काल बिना समय व्यथर््ा किये हुये अपने सेक्टर के निवासियों/गणमान्य व्यक्तियों तथा आर.डब्लू.ए. के पदाधिकारियों से सम्पर्क/संवाद स्थापित करते हुये तत्काल आवश्यक व्यवस्थायें एवं सुविधायें मुहैया करायी जा सके। इसी तरह सम्बन्धित नोडल अधिकारी अपने अधीन पडने वाले ग्रामों में भी संभ्रान्त व्यकितयों, प्रधानों, पूर्व प्रधानों तथा वरिष्ठ नागरिकों से भी सम्पर्क/संवाद स्थापित करेगा। जिससे कि किसी भी विषम/विपरित परिस्थितियों में सम्बन्धित ग्रामों में तत्काल आवश्यक सहायता/सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
ऽ सम्बन्धित सेक्टर इंचार्ज/अधिकारी अपने से सम्बन्धित सेक्टर/ग्राम में भूकम्प/प्राकृतिक/दैवीय आपदा के समय सभी दायित्वों हेतु निर्णय लेने के लिये स्वतन्त्र होगा। सम्बन्धित सेक्टर इंचार्ज अपने सेक्टर/ग्राम के निवासियों/गणमान्य व्यक्तियों तथा आर.डब्लू.ए. के पदाधिकारियों से सम्पर्क/संवाद स्थापित करते हुये तत्काल आवश्यक व्यवस्थायें एवं सुविधायें मुहैया कराने हेतु एक व्ह्ाटशप ग्रुप भी बनायेगा। ताकि आकस्मिक परिस्थियों में सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जा सके। सम्बन्धित सेक्टर इंचार्ज अपने साथ एक टीम भी तैयार करेगा, जिसमें प्राधिकरण के कर्मचारियों के अलावा सम्बन्धित ग्राम व सेक्टर के युवा, कर्मठ तथा महत्वपूर्ण लोगों को उस टीम में सम्मिलित करेगा । साथ ही वलिंटियर्स भी अपनी टीम में सम्मिलित करेगा, आवश्यकता पडने पर सम्बन्धित सेक्टर/ग्राम में एक कन्ट्रोल रूम की स्थापना भी करेगा। जिससे कि आपदा के समय विना समय व्यर्थ किये राहत एवं बचाव कार्य तत्काल आरम्भ करायेगा। 
ऽ सम्बन्धित सेक्टर इंचार्ज/अधिकारी प्राकृतिक एवं दैवीय आपदा हेतु बसों, ट्रकों एवं परिवहन के अन्य साधनों के सम्बन्ध में सूचना जानकारी आदि भी संकलित कर रखेगा, ताकि आवश्यकतानुसार उपयोग किया जा सके।
3. भूकम्प/प्राकृतिक/दैवीय आपदा हेतु ग्रेटर नौएडा क्षेत्र के दोनों जोनों हेतु 2 महाप्रबन्धक, जोनल अधिकारी नियुक्त किये जाने के सम्बन्ध में-
ऽ प्राकृतिक आपदा/भूकम्पहेतु सम्पूर्ण ग्रेटर नौएडा क्षेत्र को 2 जोनों में विभाजित किया गया है। जिसमें ग्रेटर नौएडा वेस्ट के लिये श्री समाकान्त श्रीवास्तव, महाप्रबन्धक, परियोजना तथा ग्रेटर नौएडा ईस्ट हेतु श्री पी.के.कौशिक को जोनल अधिकारी नियुक्त किये जाने हेतु आदेशित किया गया। दोनो महाप्रबन्धक सम्बन्धित अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण के दिशानिर्देशन में प्राकृतिक आपदा/भूकम्प आदि की विशेष परिस्थितियों में सभी आवश्यक कार्यों का निष्पादन करेंगे। 
4. सम्बन्धित नोडल अधिकारी भूकम्प/दैवीय/प्राकृतिक आपदा के सम्बन्ध में प्रदेश एवं केन्द्र सरकार के सम्बन्धित विभागो/मंत्रालयों से निरन्तर सम्पर्क बनाये रखने के सम्बध में-
ऽ सम्बन्धित नोडल अधिकारी प्रदेश एवं केन्द्र सरकार के सम्बन्धित विभागो/मंत्रालयों से जैसे-
National Disaster Management Authority (NDMA), National Institute of Disaster Management (NIDM), District Disaster Management Plan (DDMP), National Disaster Responce Force (NDRF), Ministory of Earth Science, State Disaster Management Authority (SDMA), 
आदि से तथा इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन के सम्बन्धित अधिकारी से भी निरन्तर समन्वय स्थापित करते हुये संवाद बनाये रखेगा तथा इस सम्बन्ध में सभी सूचनायें एवं जानकारियां अपने वरिष्ठ अधिकारियों को समय-समय पर उपलब्ध कराते रहेंगे। 
5. एसेट विभाग को प्राधिकरण कार्यालय में माॅक ड्रिल कराने हेतु निर्देशित किये जाने के सम्बन्ध में-
ऽ प्राधिकरण के एसेट विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया कि आगामी सप्ताह में जिला प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्राकृतिक आपदा/भूकम्प के लिये माॅक ड्रिल की व्यवस्था प्राधिकरण कार्यालय मेंकरायी जाये, जिससे प्राधिकरण के अधिकारियों/कर्मचारियों को विषम/विशेष परिस्थितियों हेतु प्रशिक्षण एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सके।
ऽ एसेट विभाग को यह भी आदेशित किया गया कि अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करके यह भी सुनिश्चित कर लें कि प्राकृतिक आपदा/भूकम्प तथा आग लगने की स्थिति में फायर टेण्डर मशीनों की संख्या कितनी है। मशीने क्रियाशील हैं अथवा नहीं तथा अधिकतम कितने फ्लोर तक की बिल्डिंग में आग बुझााने की सुविधा वर्तमान में उपलब्ध है। साथ ही एक सप्ताह में अग्निशमन विभाग की आधुनिक एवं नवीनतम मशाीनों का भी प्राधिकरण कार्यालय में माॅक ड्रिल/डेमो कराया जाना सुनिश्चित करें।
6. भूकम्प/दैवीय आपदा के सम्बन्ध में कार्ययोजना तैयार किये जाने के सम्बन्ध में-
ऽ यदि भविष्य में कोई प्राकृतिक आपदा/भूकम्प की घटना घटित होती है तो प्रथम 3 घंटे हेतु, 12 घंटे हेतु, 24 घंटे हेतु, 72 घंटे हेतु, 1 सप्ताह हेतु तथा  2 सप्ताह आदि हेतु राहत एवं बचाव कार्य, सावधानियों, पुर्नवास नीति आदि के सम्बन्ध में भी जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना बनाने हेतु भी आदेशित किया गया। 
7. ग्रेटर नौएडा क्षेत्र की बिल्डिंगों, इमारतों एवं पुरानी जर्जर एवं अवैध रूप से अधोमानक बिल्डिंगों के  स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार नोटिस जारी किये जाने के सम्बन्ध में-
ऽ यदि कोई बिल्डिंग या मकान सिंगल स्टोरी है, उसकी आवश्यक सावधानिया/बचाव, यदि कोई बिल्.िडंग/मकान मल्टी स्टोरी है तो उसकी सावधानिया एवं बचाव, यदि कोई बिल्डिंग/इमारत पुरानी जर्जर है या अवैध रूप सेअधोमानक बिल्डिंगोंआदि, ऐसी सभी प्रकार की बिल्डिंगो/भवनों, कालोनियों आदि का स्थलीय निरीक्षण कर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली जाये तथा आवश्यकतानुसार नोटिस भी जारी कर दिये जाये। जिससे कि विषम परिस्थितियों में होने वाली घटनाओं के दृष्टिगत व्यापक इंतजामात किये जा सके। उक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत बिल्डिंगों का असेसमेन्ट काफी महत्वपूर्ण हो गया है। जिसके आधार पर आकलन करते हुये बडे भूकम्प की स्थिति में होने वाले वाले नुकसान को कम किया जा सके। 


यदि भविष्य में कोई प्राकृतिक आपदा/भूकम्प की घटना घटित होती है तो विषम परिस्थितियों में प्राधिकरण की बिल्ंिडग से बाहर निकलने के लिये आवश्यक सेफ्टी नेटों की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर लें तथा सम्बन्धित पुलिस/सुरक्षा अधिकारियों को इस सम्बन्ध में आवश्यक प्रशिक्षण दिलवाया जाना सुनिश्चित करें।


ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग के साथ निरन्तर समन्वय एवं संवाद स्थापित रखते हुये किसी भी विषम परिस्थिति/आपदा की स्थिति में पूर्ण रूप से सहायता एवं सहयोग हेतु सदैव तत्पर रहेगा।