पीएम मोदी के आवास से निकलने के कुछ देर बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर अपना रेजिग्नेशन लेटर ट्विटर पर शेयर

ज्योतिरादित्य सिंधिया की कांग्रेस से बगावत के बाद मध्यप्रदेश से कमलनाथ की एक साल पुरानी सरकार का जाना लगभग तय


सिंधिया मंगलवार सुबह अपने घर से गाड़ी चलाते हुए अकेले निकले सिंधिया अपनी कार खुद चलाकर ले गए और गुजरात भवन में अमित शाह से उनकी मुलाकात हुई गुजरात भवन से अमित शाह उन्हें अपनी गाड़ी में लेकर लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंचे
सिंधिया सुबह करीब 10.45 बजे पीएम आवास पहुंचे थे इसके बाद करीब एक घंटे तक यह बैठक चली बैठक के बाद अमित शाह अपनी कार में ही सिंधिया को लेकर निकल पड़े पीएम मोदी के आवास से निकलने के कुछ देर बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर अपना रेजिग्नेशन लेटर ट्विटर पर शेयर कर दिया हालांकि ये लेटर 9 मार्च की तारीख का था लेकिन इसे सार्वजनिक आज ही किया गयासिंधिया ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है सिंधिया ने अपना इस्तीफा पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजने के साथ ही इसे अपने ट्विटर हैंडल पर भी साझा किया है सिंधिया ने इस इस्तीफे में कहा है कि वे जनसेवा के लिए राजनीति में आए हैं और बीते कुछ समय से कांग्रेस में रहते हुए ऐसा नहीं कर पा रहे थे ज्योतिरादित्य सिंधिया की कांग्रेस से बगावत के बाद मध्यप्रदेश से कमलनाथ की एक साल पुरानी सरकार का जाना लगभग तय हो गया है। इसकी पुष्टि लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी से भी होती है जिसमें उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार का बचना मुश्किल है।
आत्मविश्वास भी कम जिम्मेदार नहीं है। लोकसभा चुनाव में गुना संसदीय सीट से सिंधिया की हार के ‍बाद जिस तरह से उन्हें हाशिए पर डाल दिया गया था उससे वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे।


मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे सिंधिया की राह में कमलनाथ आडे गए और वे हाथ मलते रह गए। उस समय तो उन्हें किसी तरह मना लिया गया था लेकिन सिंधिया को करारा झटका तब लगा जब वे परंपरागत गुना सीट से लोकसभा चुनाव हार गए जिसकी उन्होंने सपने में भी कल्पना की थी। अंतत उनकी उम्मीदें मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर आकर टिक गई थीं लेकिन उन्हें यहां भी निराशा हाथ लगी।