उत्तर प्रदेश शासन एवं प्राधिकरण के उक्त प्रयासों से अपूर्ण ग्रुप हाउसिंग/बिल्डर्स परियोजनाओं को पूरा करने एवं होम बायर्स को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से किये जा रहे विशेष प्रयासों से यह कदम

ग्रेटर नौएडा(भारत भूषण ):-प्राधिकरण द्वारा उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश दिनांक 05.12.2019 के क्रम में आज दिनांक 19.02.2020 को 02 बिल्डर्स/डेवलपर्स को शून्यकाल का लाभ प्रदान किया गया।जिससे कि सम्बन्धित होम बायर्स को अपने फ्लैटों का शीघ्र कब्जा प्राप्त हो सकेगा।


सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं एन0सी0आर0 क्षेत्र के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में ग्रुप हाउसिंग/बिल्डर्स स्कीम में बिल्डर्स/डवेलपर्स द्वारा फ्लैट एवं भूखण्ड आवंटियों को कब्जा प्रदान न किये जाने के कारण उत्पन्न समस्याओं के समाधान हेतु उत्तर प्रदेश शासन द्वारा शासनादेश दिनांक 05.12.2019 के माध्यम से नौएडा, ग्रेटर नौएडा एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में अपूर्ण ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने एवं होम बायर्स को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। जिसके मुख्य विन्दु निम्नवत है-


1.  सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं एनसीआर क्षेत्र के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में ग्रुप हाउसिंग/बिल्डर्स स्कीम में बिल्डर्स/डेवलपर्स द्वारा फ्लैट एवं भूखण्ड आवंटियों को कब्जा प्रदान न किये जाने के कारण उत्पन्न समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है। अतः उपर्युक्त के दृष्टिगत सम्मयक विचारोपरान्त शासन द्वारा नौएडा, ग्रेटर नौएडा एवं यमुना एक्सप्रेसव-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में अपूर्ण ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने एवं होम बायर्स को राहत पहुचाने के उद्देश्य से निम्नलिखित निर्णय लिये गये है-
पद्ध आवंटी/विकासकर्ताओं को प्राधिकरण द्वारा निम्न परिस्थितियों में शून्य अवधिर्;मतव च्मतपवकद्ध अनुमन्य करायी जायेगी-
ऽ यदि प्राधिकरण की त्रुटि के कारण प्राधिकरण द्वारा आवंटी/विकासकर्ता को आवंटित भूमि/भूखण्ड का कब्जा हस्तगत नहीं हो पा रहा है। 
ऽ न्यायालय के स्थगन आदेश रहने के कारण आवंटन/पट्टाप्रलेख/कब्जे की प्रक्रिया पर रोक हो अथवा निर्माण कार्य आगे नहीं किया जा सकता हो। 
ऽ शासनादेश/प्राधिकरण बोर्ड के आदेशों के परिपेक्ष्य में पट्टा प्रलेख निष्पादितन हो सका हो। 
ऽ यदि किसी भूखण्डका कब्जा दिया जा चुका है तथा पट्टा प्रलेख का निष्पादन भी हो चुका है, परन्तु आवंटित भूखण्ड के लिये कोई पहुंच मार्ग नहीं है, जिसके कारण आवंटित भूखण्ड पर निर्माण/विकास किया जाना सम्भव नहीं हो पा रहा हो। 


शून्य अवधि की गणना निम्नलिखित तरीके से की जायेगी-
डेवलपर्स को कुल आवंटित भूमि के सापेक्ष प्रभावित भूमि (प्रतिशत में) छूट का प्रतिशत
30 प्रतिशत से अधिक 100 प्रतिशत
20 प्रतिशत से अधिक और 30 प्रतिशत तक 50 प्रतिशत
10 प्रतिशत से अधिक और 20 प्रतिशत तक 25 प्रतिशत
10 प्रतिशत तक अनुपातिक


 शून्य अवधि की सुविधा ऐसे विकासकर्ता को ही अनुमन्य होगी, जो फ्लैट बायर्स के हितों को संरक्षित करने के उद्देश्य से जून, 2021 तक परियोजना पूर्ण करने का लिखित आश्वासन देते हैं और यदि उनकेद्वारा दिये गये आश्वासन के क्रम में दिनांक 30.06.2021 तक अपनी परियोजना पूर्ण नहीं की जाती है तो शून्य अवधि से सम्बन्धित यह सुविधा निरस्त कर दी जायेगी। 
पपद्ध जिस अवधि के लिये शून्य काल अनुमन्य किया जायेगा, उस अवधि को निर्माण हेतु अनुमन्य समय सीमा में शामिल नहीं किया जायेगा। 
पपपद्ध समय विस्तरण शुल्क का रोपण उतने ही क्षेत्रफल पर किया जायेगा, जिसपर निमार्ण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है एवं जिस अंश पर प्राधिकरण द्वारा अघिभोग प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया है, बशर्ते प्राधिकरण द्वारा आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया हो। 
पअद्ध जिन विकास कर्ताओं/आवंटियों द्वारा अवरूद्ध परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिये यथोचित प्रयास नहीं किया गया है, ऐसी परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिये प्राधिकरणों को यह अधिकार होगा कि वे को-डेवलपर द्वारा उन परियोजनाओं को पूर्ण करने की कार्यवाही की जाय। 
अद्ध ऐसे विकासकर्ता जो फ्लैट बायर्स के हितोंको संरक्षित करने के उद्देश्य से जून,2021 तक परियोजना पूर्ण करने का लिखित आश्वासन देते हैं, उन्हे प्राधिकरणों द्वारा निम्नलिखित तालिका के अनुसार समय विस्तरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी-


क्र. व्यवस्था छूट की अवधि  
  1 2 3
1 प्रियोजना पूर्ण करने की अनुमन्य अवधि जो प्राधिकरणों द्वारा प्रदान की गयी है।  5 वर्ष 7 वर्ष 7 वर्ष से अधिक
2 स्मयावधि जिसमें समय विस्तरण शुल्क में छूूट प्रदान की जायेगी 3 वर्ष 2 वर्ष 1 वर्ष
 
यदि उनके द्वारा दिये गये आश्वासन के क्रम में दिनांक 30.06.2021 तक अपनी परियोजना पूर्ण नहीं की जाती है तो समय विस्तरण शुल्क से सम्बन्धित छूट निरस्त कर दी जायेगी। 
अपद्ध उपरोक्त प्रस्तर पद्ध तथा अद्ध में परियोजना पूर्ण करने की शर्त तभी पूर्ण मानी जायेगी जबकि आवंटी/विकासकर्ता द्वारा सम्बन्धित प्राधिकरण के बाईलाज के प्राविधानों के अनुसार पूर्णता प्रमाण पत्र के लिये सभी आवश्यक प्रमाण पत्रों सहित आवेदन पत्र दिनांक 31 मई, 2021 तक प्रस्तुत कर दिया गया हो तथा प्राधिकरण द्वारा इंगित की गयी कमियां, यदि कोई हों, का निराकरण कर पूर्णता प्रमाण पत्र दिनांक 30 जून, 2021 तक प्राप्त कर लिया गया हो। 


2. यह नीति सिर्फ रेजीडेन्शियल ग्रुप हाउसिंग सोसायटी पर लागू होगी और इस हेतु आवंटी/विकासकर्ता को सम्बन्धित प्राधिकरण में इस योजना का लाभ उठाने के उद्देश्य से शासनादेश निर्गत होने की तिथि से 02 माह के अन्दर आवेदन करना होगा। 
3. यह नीति मात्र अपूर्ण ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिये है तथा अन्य सभी परियोजनाओं के लिये प्राधिकरणों के स्तर पर बनायी गयी प्रभावी नीति ही लागू रहेगी। यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि जो समय विस्तरण शुल्क प्राधिकरणों को प्राप्त हो चुका है उसकी कोई वापसी अथवा समायोजन नहीं किया जायेगा। आवंटी/विकासकर्ता द्वारा इस आशय का शपथ पत्र प्राधिकरण को प्रस्तुत किया जायेगा कि इस नीति के अन्तर्गत जो भी सुविधा/लाभ उसे प्राप्त होंगे उक्त से सम्बन्धित कोई भी धनराशि होम बायर्स से नहीं ली जायेगी। शासन द्वारा शासनादेश के क्रम में नौएडा, ग्रेटर नौएडा एवं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अपूर्ण ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने एवं होम बायर्स को राहत पहुॅंचाने के उद्देश्य से बिल्डर परियोजनाओं में शून्यकाल दिये जाने तथा समय विस्तरण दिये जाने से सम्बन्धित नीति निर्धारित की गयी है। उक्त नीति को ग्रेटर नौएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अंगीकृत किये जाने हेतु 117 वीं बोर्ड बैठक दिनांक 10.02.2020 कोअनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। शासनादेश लागू करने हेतु तीनों प्राधिकरणों में शून्यकाल की नीति में एकरूपता बनाये रखने तथा अन्य सम्बन्धित बिन्दुओं में स्पष्टता हेतु नौएडा, ग्रेटर नौएडा एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों की समिति गठित की गयी थी।उक्त समिति की संस्तुतियों का अनुमोदन बोर्ड द्वारा कर दिया गया है।


शासन द्वारा उक्त शून्यकाल नीति का लाभ के लिये आवेदन करने हेतु 2 माह की समयावधि निर्धारित थी, जिसकी अंतिम तिथि 04.02.2020 निर्धारित की गयी थी । जिसके अन्तर्गत ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण में 58 बिल्डर्स/डेवलपर्स द्वारा उक्त नीति के अन्तर्गत आवेदन किया गया है। 


जिसमें से ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण द्वारा शासन द्वारा निर्धारित शून्यकाल नीति, दिशा निर्देश एवं मानक/मूल्यांकन के उपरान्त प्राधिकरण द्वारा प्रथम चरण में आज दिनांक 19.02.2020 को 2 बिल्डर्स/डेवलपर्स का लाभ प्रदान कर दिया गया है शेष प्रस्तावों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण कर दिया जायेगा। जिससे कि ग्रेटर नौएडा क्षेत्र में रूकी हुयी बिल्डर्स/ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में गति प्राप्त हो सकेगी।उत्तर प्रदेश शासन एवं प्राधिकरण के उक्त प्रयासों से अपूर्ण ग्रुप हाउसिंग/बिल्डर्स परियोजनाओं को पूरा करने एवं होम बायर्स को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से किये जा रहे विशेष प्रयासों से यहकदम एक गेम चेन्जर साबित होगा। जिससे कि होम बायर्स को अपने फ्लैटों का शीघ्र कब्जा प्राप्त हो सकेगा।