सिद्धि - मानवता द्वारा संचालित नें इस साल 21 फरवरी 2020 को महाशिवरात्रि एक अनोखे ढ़ंग से मनाई. 

दिल्ली:महाशिवरात्रि  भारतीय संस्कृति और अनुष्ठानों के अनुसार एक बहुत ही शुभ दिन है। लोग उपवास रखते हैं, मंदिरों में जाते हैं और भगवान शिव को सैकड़ों किलो फल और हजारों लीटर दूध चढ़ाते हैं।सिद्धी - मानवता द्वारा संचालित  की संस्थापक, डॉ मीना महाजन ने हमारे इस त्यौहार को मनाने के तरीके और हमारी सोच में बदलाव लाने के लिए कार्यभार संभाला और इस महाशिवरात्रि  का आयोजन एक खास कारण से किया। वह कारण था  शिवा  को पूजने से पहले शक्ति  की पूजा करना |उन्होंने अपनी समर्पित स्वयंसेवकों की मंडली के साथ शक्ति  और शिवा  की महत्ता को मनाने का निश्चय किया. इसके लिए उन्होंने 2 कार्यक्रमों का आयोजन किया|


सबसे पहले, सिद्धि ने शक्ति  की महत्ता को मनाया. 


टीम सिद्धि ने नई दिल्ली के रघुबीर नगर में वंचित लड़कियों के लिए एक शैक्षिक अभियान का आयोजन करके शक्ति का सार - स्त्री ऊर्जा का उत्सव मनाया। उन्होंने 200 लड़कियों से उनकी शिक्षा के बारे में बात की और उन्हें बुनियादी और मासिक धर्म स्वच्छता और आत्म देखभाल के बारे में जागरूक किया। तीन घंटे की ड्राइव इन युवा लड़कियों को मासिक धर्म स्वच्छता किट वितरित करने के बाद समाप्त हुई। इस ड्राइव का सबसे खूबसूरत हिस्सा यह था कि जब हम बड़ी परियोजनाओं और विकास के बारे में बात करते हैं, तब जमीनी वास्तविकता बहुत अलग होती है। लड़कियों अभी भी अपने आप को व्यक्त करने में सक्षम नहीं है, ख़ुद को पसंद करना तो भूल ही जाओ!उसी दिन की शाम में शिव का सार - नई दिल्ली के डॉ अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में मर्दाना ऊर्जा का जश्न मनाया गया।


इस समारोह में दिल्ली महिला पुलिस बल, भारतीय सेना और भारतीय नौसेना, सीआरपीएफ, आरएएफ, लायंस क्लब के कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत डॉ मीना महाजन द्वारा शिवा और शक्ति पर एक शैक्षिक वार्ता के साथ हुई, जहाँ उन्होंने  शिवा और शक्ति के सार के पीछे की अवधारणा और विज्ञान को साझा किया और एक आम आदमी या महिला कैसे इस सार को अपनी असल ज़िन्दगी में उतार सकते हैं, ये भी बताया. 


एक घंटे का महामृत्युंजय जप और ध्यान डॉ मीना महाजन के नेतृत्व में हुआ, विश्व शान्ति के लिए।


हम सभी इस बात से चिंतित हैं कि प्रकृति ने हमें जो नुकसान पहुँचाया है और जो असंतुलन हमने पैदा किया है, उसके कारण कैसे हम पर ही उल्टा असर हो रहा है। एक साथ सभी भक्तों ने दुनिया भर के सभी लोगों के उपचार के लिए जप किया, जिसमें घातक कोरोना वायरस भी शामिल है।मंत्र जप और ध्यान सिर्फ धार्मिक मान्यताएं नहीं हैं। इसके वैज्ञानिक पहलू हैं। डॉ मीना महाजन के अनुसार ये प्रक्रियाएं एक व्यक्ति को स्वयं को अच्छा करने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं।