प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में पहली बार आयोजित हो रहे ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ का कल भुवनेश्वर में शुभारम्भ करेंगे

जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम, कटक में 22 फरवरी, 2020 को आयोजित रंगारग कार्यक्रम में पहले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का शुभारम्भ होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेन्स सुविधा के माध्यम से इस बहुविषयी खेल आयोजन का शुभारंभ करेंगे। इस समारोह में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  किरेन रिजिजू सहित अनेक कई गणमान्य व्यक्ति तथा खिलाड़ी शामिल होंगे।


देश भर के 159 विश्वविद्यालयों के 3400 एथलीटों को 17 विधाओं में प्रविष्टियां दी गई हैं। इनमें रग्बी खेल भी शामिल है जो छह टीमों के बीच खेला जाएगा। एथलीट न केवल अपने संस्थानों और अपने लिए बल्कि प्रतिभा खोजने वालों की नजरों में आने के लिए भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं।


आने वाले समय में यह खेल सीढ़ी का महत्वपूर्ण पायदान बन जाएगा जिस पर देश का हर छात्र एथलीट चढ़ना चाहेगा। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स को भारत के युवाओं के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रतियोगिता बनाने का प्रयास है। इसका उद्देश्य युवाओं को खेल और शिक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता प्रदान करना भी है।


प्रसिद्ध धाविका दुती चंद मेजबान विश्वविद्यालय केआईआईटी की छात्र हैं और इस आयोजन का हिस्सा बनने पर बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपनी विश्व रैंकिंग (वर्तमान में 100 मीटर में 54 नंबर और 200 मीटर में 43 नंबर पर) के आधार पर अपना ग्रेड बना सकती हूं लेकिन मैं वास्तव में योग्यता मानक हासिल करके ओलंपिक खेलों में जगह बनाना चाहती हूं। अपनी रैंकिंग में सुधार करने के लिए मुझे कुछ अच्छे आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करने की आवश्यकता है लेकिन किसी न किसी कारण से ऐसा न हो सका। मंगलौर विश्वविद्यालय के ट्रिपल जंपर जय शाह और उनके लंबी दूरी के टीम साथी धावक नरेंद्र प्रताप सिंह, पुणे विश्वविद्यालय के लंबी दूरी के धावक कोमल जगदाले तथा आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय से स्प्रिंटर याराजी ज्योति जैसे अन्य प्रतिभाशाली एथलीट भी हैं जो ट्रैक एंड फील्ड खेल में प्रतिस्पर्धा की गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं।देश के कुछ सबसे अच्छे युवा तीरंदाज जैसे कि कोमोलिका बारी, संगमप्रीत बिस्ला, मुस्कान किरार और साक्षी टोटे भी इन खेलों में भाग लेंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय के तीरंदाज ने कहा कि इन खेलों में देश के सबसे अच्छे महिला और पुरुष निशानेबाज अच्छा प्रदर्शन करेंगे।


पंजाबी विश्वविद्यालय (चंडीगढ़) के 191 और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (अमृतसर) के 183 एथलीट इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे जो सबसे बड़े दस्ते होंगे। यह संख्या पिछले वर्ष इन दो विश्वविद्यालयों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। पिछले साल पंजाब विश्वविद्यालय ने 13 वर्षों के बाद अगस्त 2019 में प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी जीती थी। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (रोहतक) एकमात्र दूसरा विश्वविद्यालय है जिसके 150 से अधिक एथलीट इन खेलों में भाग ले रहे हैं। पंजाबी विश्वविद्यालय (पटियाला) और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने पांच टीमों की सूची पूरी की है और इनमें 100 से अधिक एथलीट भाग ले रहे हैं। कुल 17 खेलों- तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, तलवारबाजी, जूडो, तैराकी, भारोत्तोलन, कुश्ती, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, रग्बी और कबड्डी में मुकाबले होंगे।