क्षेत्र के विशेषज्ञों को विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया

कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कोल कंपनियों के सभी सीएमडी के लिए 17 से 18 फरवरी, 2020 तक गुजरात के केवडिया के स्टेचू ऑफ यूनिटी में दो-दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किये जायेंगे। “कोयला क्षेत्र के लिए भविष्य का मार्ग”विषय पर रणनीति तैयार करना इसका उद्देश्य है। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी शिविर का उद्घाटन करेंगे, जिनसे यह उम्मीद की जा रही है कि इस विषय पर विचार-विमर्श को अच्छी तरह मार्गदर्शन देंगे। कोयले के आयात को खत्म करने के उद्देश्य से, 2023-24 तक एक अरब टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य तक पहुंचने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श में भाग लेने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है, जो विदेशी मुद्रा बहिर्गमन का एक बड़ा स्रोत है।


 


जिन विषयों पर विचार मंथन किया जाएगा, वे हैं-



  1. भारत में कोयले का भविष्य

  2. सीआईएल और देश द्वारा एक अरब टन उत्पादन प्राप्त करने की रणनीति

  3. एक अरब टन कोयले के उत्खनन के लिए रणनीति

  4. स्थानीय समुदाय का सहयोग/ टिकाऊ कोयला

  5. कोयला क्षेत्र और व्यापार विविधीकरण में निवेश

  6. भूमि खरीद के वैकल्पिक मॉडल

  7. सेवा (एसईडब्ल्यूए) - सामुदायिक सहायता कार्यक्रम


 


विचार-विमर्श के आधार पर तैयार किया गया दस्तावेज आगामी महीनों में कोयला क्षेत्र का मार्गदर्शन करेगा।