एमसीए सचिव ने एसपीआईसीई + वेब फॉर्म की शुरुआत की

कारोबार में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) की सरकार की पहल के तहत कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने एसपीआईसी+ नाम से एक नया वेब फॉर्म (जिसे ‘एसपीआईसीई  प्लस’ कहा जाएगा) अधिसूचित किया जाएगा। वह वर्तमान एसपीआईसी का स्थान लेगा। एसपीआईसी+ केन्द्र सरकार के 3 मंत्रालयों और विभागों (कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, श्रम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग) और एक राज्य सरकार (महाराष्ट्र) की 10 सेवाएं देगा, जिससे भारत में व्यवसाय शुरू करने के लिए बहुत-सी कार्य विधियों, समय और धन की बचत होगी और यह सम्मिलित सभी नई कंपनियों पर लागू होगा।


नए एसपीआईसी+ वेब फॉर्म की निम्नलिखित विशेषताएं हैं:-



  • एसपीआईसी+ एक एकीकृत वेब फॉर्म होगा।


· एसपीआईसी+ के दो हिस्से होंगे यानी : भाग-ए- नई कंपनियों के लिए नई शर्त और भाग-बी- अनेक सेवाओं की पेशकश करेगा।





    1. सम्मिलित

    2. डिन आवंटन

    3. पैन जारी करने की अनिवार्यता

    4. टैन जारी करने की अनिवार्यता

    5. ईपीएफओ पंजीकरण जारी करने की अनिवार्यता

    6. ईएसआईसी पंजीकरण जारी की अनिवार्यता

    7. व्यावसायिक कर पंजीकरण जारी करने की अनिवार्यता (महाराष्ट्र)

    8.  कंपनी के लिए बैंक खाता खोलने की अनिवार्यता

    9. जीएसटीआईएन का आवंटन (यदि आवेदन किया जाए)




·


 


नए वेब फॉर्म से कंपनियों को बिना किसी अड़चन के शामिल करने के लिए ऑनस्क्रीन फाइलिंग और वास्तविक समय के आंकड़ों की वैधता को सरल बनाया जा सकता है। आसानी के लिए एसपीआईसी+ को विभिन्न वर्गों में तैयार किया गया है। एक बार दर्ज जानकारी को सेव किया जा सकता है और उसमें संशोधन किया जा सकता है।· एसपीआईसी+ के जरिये शामिल की गई सभी नई कंपनियों के लिए ईपीएफओ और ईएसआईसी का पंजीकरण अनिवार्य होगा और संबद्ध एजेंसियों द्वारा अलग से ईपीएफओ और ईएसआईसी पंजीकरण संख्या जारी नहीं की जाएगी।


· एसपीआईसी+ के जरिये महाराष्ट्र राज्य में शामिल की जाने वाली सभी नई कंपनियों के लिए व्यावसाय कर का पंजीकरण अनिवार्य होगा।  



  • एसपीआईसी+ के जरिये शामिल सभी नई कंपनियो के लिए अनिवार्य होगा कि वे एजीआईएलई-पीआरओ से जुड़े वेब फॉर्म के जरिये कंपनी का बैंक खाता खोलने के लिए आवेदन करें।