बंगाल की खाड़ी अपतटीय नौकायन अभियान

भारतीय नौसैनिक नौकायन पोत म्हदेई और तारिणी 22 फरवरी 2020 को गोवा में भारतीय नौसेना महासागर नौकायन नोड से बंगाल की अपतटीय नौकायन अभियान के लिए रवाना हुए। अभियान को गोवा के कमांडेंट नैवल वॉर कॉलेज के रियर एडमिरल एस.जे. सिंह ने झंडी दिखाई। यह भारतीय नौसेना का पहला प्रमुख मिश्रित क्रू नौकायन अभियान होगा, जिसमें प्रत्येक नौका में दो महिला अधिकारियों सहित पांच नौसैनिक अधिकारियों के चालक दल की संरचना होगी, जो कुल 6,100 समुद्री मील की दूरी तय करेगी और 55 दिनों तक समुद्र में रहेगी। तारिणी के नौसेना जहाज के कैप्टन विपुल मेहरिशी इस अभियान के कप्तान होंगे और कैप्टन अतुल सिन्हा म्हदेई के कप्तान होंगे। इस अभियान के कप्तान बेहद कुशल नाविक है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तर पर प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर नौसैना और देश के लिए गौरव हासिल किया है।



लगभग तीन महीनों की लंबी यात्रा के दौरान यह अभियान नावों को चलाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा अर्थात पवन ऊर्जा के दोहन का प्रदर्शन करेगी। यह अभियान 'नारी शक्ति' के भारत सरकार के मिशन के अनुसरण में भी है, जो महिला अधिकारियों को पुरुषों के बराबर अवसर प्रदान करता है। इस अभियान का उद्देश्य समुद्र की नौकायन के क्षेत्र में भारतीय नौसेना की विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हुए बंगाल की खाड़ी में स्थित समुद्री क्षेत्रों के बीच सहयोग और सहकारिता के स्तर को बढ़ाना भी है। इस अभियान के एक हिस्से के रूप में नौकायन पोत फुकेट, यंगून, चटगांव और कोलंबो के बंदरगाहों पर पुनः पूर्ति हॉल्ट करेगा, जिसमें विभिन्न देशों के अधिकारियों के साथ परस्पर बातचीत की जाएगी, जिसमें आगंतुक गणमान्य लोगों की बंदरगाह पर संक्षिप्त यात्राएं शामिल हैं।म्हदेई और तारिणी को क्रमशः 08 फरवरी 2009 और 18 फरवरी 2017 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था और यह तीन परिध्रुवी नौकायन अभियानों सहित विभिन्न नौकायन अभियानों में नौसैनिक अभियानों के लिए पसंद के पोत रहे हैं, और उनके द्वारा हजारों मील की दूरी पर तय की गई है। म्हदेई ने दो परिध्रुवी नौकायनों, तीन केप से रियो ट्रांस-अटलांटिक रेस और विभिन्न महाद्वीपों के आसपास कई अन्य अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस पोत ने 1,36,000 समुद्री मील से अधिक दूरी तय की है। तारिणी ने 2017-18 में उस वक्त इतिहास रचा था जब छह भारतीय नौसेना महिला अधिकारियों ने नाविका परिक्रमा यात्रा पर नाविका सागर परिक्रमा नामक पहली परिध्रुवी नौकायन समुद्री यात्रा पर पोत का संचालन किया था। इसके बाद, उन्होंने आईओएसएस की 10 वीं वर्षगांठ के समारोह के दौरान कोच्चि से सेशेल्स के प्रशिक्षण अभियान में मिश्रित चालक दल में भाग लिया।बंगाल की खाड़ी अपतटीय नौकायन अभियान आगंतुक देशों के बीच सद्भावना उत्पन्न करेगी और आगामी बिम्सटेक सेलिंग अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित करेगी जिसकी योजना भारतीय नौसेना नौकायन पोत से जुड़े सदस्य देशों के मिश्रित चालक दल के साथ बनाई जा रही है।