विभीषण ने बताया माता जानकी का पता

ग्रेटर नोएडा : श्री विजय कोशल जी महाराज ने बताया जब हनुमान जी की विभीषण से मुलाक़ात हुई तो विभीषण ने बताया कि माता जानकी अशोक वाटिका में हैं।इसलिए ये कहा जाता है



*घर का भेदी लंका ढाये*
हनुमान जी अशोक वाटिका में प्रवेश करते है ओर देखते है की माता जानकी वृक्ष के नीचे बैठी है ।ओर हनुमान जी माता जानकी से आशीर्वाद लेते है ।
सचिव सौरभ बंसल ने बताया महाराज जी द्वारा बताये गये वर्णन में हनुमान जी लंका में रात्रि के  समय पहुंचे  अगर दिन में पहुँचते तो वह रावण को भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हुए देखकर समझते कि यह तो भगवान का शिष्य है यह कोई भी गलत कार्य नहीं कर सकता। रात्रि में पहुँचने के कारण उन्होंने रावण का राक्षसी रूप देख लिया।इससे सीख मिलती हे मनुष्य को अपना चरित्र एक ही तरह का रखना चाहिये।विजय कोशल जी महाराज ने बताया साधु पुरुषों का  उद्धार करने के लिए, पाप करने वालों का विनाश करने के लिए ओर धर्म की अच्छी तरह स्थापना करने के लिए ईश्वर युग युग में प्रकट होते हैं।


आज कथा में ओमप्रकाश अग्रवाल,गोपाल गुप्ता,रवि नाथ सिंह,नोरंग सिंह,लोकमन  प्रधान,उमेश बंसल,पी पी मिश्रा,कुलदीप शर्मा,सौरभ बंसल ,मुकुल गोयल,सत्यप्रकाश अग्रवाल,मनजीत सिंह, कपिल गुप्ता,ललित शर्मा,अमित गोयल,जी पी गोस्वामी,गौरव उपाध्याय,जितेंद्र त्रिपाठी,संजीव सालवान,पवन गर्ग,देवीशरण शर्मा,सुरेश पचौरी,वैभव बंसल ,अमरजीत सिंह,अरविंद तिवारी,सरोज तोमर,के  के शर्मा , हरेन्द् आदि लोग उपस्थित रहे।