केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने लोकप्रिय लेखिका डॉ. अनीता भटनागर जैन द्वारा बच्चों के लिए लिखित तीन पुस्तकों का विमोचन किया |

नई दिल्ली:  केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में लोकप्रिय लेखिका डॉ. अनीता भटनागर जैन द्वारा बच्चों के लिए लिखित तीन पुस्तकों – कुम्भ, गरम पहाड़ तथा दिल्ली की बुलबुल (सिंधी संस्करण) का विमोचन किया। तीनों पुस्तकें बच्चों के लिए कहानी संग्रह हैं और इसमें पर्यावरण तथा सामाजिक, सांस्कृतिक, एकता और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों को सहज और दिलचस्प तरीके से प्रस्तुत किया गया है। डॉ. अनीता भटनागर जैन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (1985 बैच) की अधिकारी हैं।इस अवसर पर श्री निशंक ने अद्भूत लेखन के लिए डॉ. अनीता को बधाई दी और उन्हें प्रशासनिक कार्य तथा सृजनात्मक कार्य के बीच संतुलन बनाने वाला विशिष्ट व्यक्तित्व बताया। संवेदी रूप से लिखी गई पुस्तकों की सराहना करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि ये पुस्तकें काल्पनिक कृति नहीं है, बल्कि लेखिका के वास्तविक जीवन के अनुभव के आधार पर लिखी गई हैं। निशंक ने कहा कि पाठकों, विशेषकर बच्चों के लिए ये पुस्तकें बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि इसमें अपनी संस्कृति और विरासत की कहानी पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ कही गई है। श्री निशंक ने कुम्भ तथा गरम पहाड़ के प्रकाशन में प्रयास के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट को बधाई दी।डॉ. अनीता भटनागर ने अपनी पुस्तकों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कुम्भ पर बच्चों की पहली कहानी पुस्तक है, जिसे नेशनल बुक ट्रस्ट ने प्रकाशित किया है। इस पुस्तक के माध्यम से बच्चे अपनी संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।



उन्होंने बताया कि गरम पहाड़ पर्यावरण पर तीन कहानियों (गरम पहाड़, सोन चिड़िया तालाब तथा पोलिथिन की प्रलय) कहानियों का संकलन है।दिल्ली की बुलबुल के बारे में डॉ. अनीता ने कहा कि यह पर्यावरण तथा बच्चों के लिए नैतिकता पर 10 लघु कहानियों का संकलन है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की बुलबुल का विमोचन पहले हिन्दी में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाइक किया था। आज मानव संसाधन विकास मंत्री ने इसका सिंधी संस्करण लांच किया।डॉ. अनीता भटनागर जैन के 40 से अधिक कृतियां प्रकाशित हैं।