केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि गांधी परिवार की सुरक्षा हटाई नहीं गई है बल्कि बदली गई है |

दिल्ली :  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विशेष संरक्षण ग्रुप (संशोधन) विधेयक, 2019 लोकसभा में प्रस्‍तुत करते हुए कहा कि देश में ऐसा संदेश जा रहा है कि गांधी परिवार की सुरक्षा कम करने के लिए बिल लाया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि गांधी परिवार की सुरक्षा हटाई नहीं गई है बल्कि सीआरपीएफ  की जेड प्‍लस ( ए एस एल) से बदली गई है और इसमें सुरक्षा बलों की संख्‍या पहले से अधिक हुई है जिसमें एंबुलेंस सुविधा भी शामिल है। शाह ने यह भी कहा कि इस परिवार ने अनेकों बार बगैर एसपीजी को सूचना दिए बगैर यात्राएं की। उन्‍होंने कहा कि सीआरपीएफ सेंट्रल एजेंसी है और उसकी सुरक्षा पूरे देश में विद्यमान है और इस बिल के बाद पूर्व प्रधानमंत्री को पांच वर्ष तक एसपीजी सुरक्षा कवर दिया जाएगा।अमित शाह ने कहा कि विशेष संरक्षण ग्रुप (संशोधन) विधेयक में पहले के बदलाव एक परिवार को ध्‍यान में रखकर हुए किंतु पहली बार प्रधानमंत्री को ध्‍यान में रखकर बदलाव किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, पीवी नरसिम्‍हाराव, डॉ. मनमोहन सिंह की सुरक्षा बदलाव पर कोई शोर नहीं हुआ किंतु एक परिवार के नाम पर हो-हल्‍ला हो रहा है। पूर्व में भी सुरक्षा व्‍यवस्‍था पर आकलन के पश्‍चात बदलाव किए गए हैं। श्री शाह का कहना था कि केवल गांधी परिवार ही नहीं देश के सभी नागरिकों की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी भारत सरकार की है। उनका कहना था कि सभी नागरिकों को सुरक्षा देने की मंशा भी है और धारणा भी किंतु सबको एसपीजी की सुरक्षा नहीं दी जा सकती।शाह का कहना था कि पूर्णतया खतरे का आंकलन (थ्रेट असेसमेंट) के आधार पर सुरक्षा में बदलाव किए गए है। एक सदस्‍य के सवाल के जवाब में श्री शाह का कहना था कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभी क्षेत्रों में बडे और कडे मापदंड स्‍थापित किए हैं।अमित शाह का कहना था कि सिक्‍योरिटी कवर को स्‍टेटस सिंबल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।  शाह ने कहा कि एसपीजी प्रोटेक्‍शन का मतलब देश के प्रधानमंत्री को कार्यालय, संचार, आरोग्‍य तथा सुरक्षा की सुविधा प्रदान करना है। उन्‍होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्‍यों को सुरक्षा देने से संख्‍या बढती जाएगी जिससे प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर भी प्रभाव पडेगा। शाह का कहना था कि इस बिल को लाने का प्रमुख उद्देश्‍य देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा कवर को अधिक प्रभावी बनाना है।