कैबिनेट ने भारत और सऊदी अरब के बीच नशीली दवाइयों, मादक पदार्थों और प्रतिबंधित रसायनों की अवैध बिक्री और तस्‍करी को रोकने के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय कैबिनेट ने भारत और सऊदी अरब के बीच नशीली दवाइयों, मादक पदार्थों और प्रतिबंधित रसायनों की अवैध बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए समझौता ज्ञापन को कार्योत्‍तर स्‍वीकृति दे दी है।  


 लाभ:  समझौता ज्ञापन से संयुक्‍त राष्‍ट्र अंतर्राष्‍ट्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण सम्‍मेलन द्वारा परिभाषित नशीली दवाइयों, नशीले पदार्थो एवं प्रतिबंधित रसायनों की अवैध बिक्री एवं तस्‍करी रोकने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा।    समझौता ज्ञापन के तहत नशीली दवाइयों के उत्‍पादकों, तस्‍करों एवं अवैध विक्रेताओं की संदिग्‍ध गतिविधियों, आग्रह करने पर एनडीपीसी की अवैध बिक्री के विवरण और नशीली दवाइयों संबंधित आरोप में गिरफ्तार विक्रेताओं के वित्‍तीय हालात से संबंधित जानकारियां साझा करने का प्रावधान है।


समझौता ज्ञापन के तहत नशीली दवाइयों, नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के आरोप में गिरफ्तार दूसरे देश के नागरिकों के विवरण के साथ अधिसूचित करने का और गिरफ्तार व्‍यक्ति को दूतावास संबंधी मदद मुहैया कराने का प्रावधान है।  समझौता ज्ञापन के तहत दोनों में से किसी भी देश के अंदर बरामद की गई नशीली दवाइयों, नशीले पदार्थों का रासायनिक विश्‍लेषण और नशीली दवाइयों एवं नशीले पदार्थों के बारे में आंकड़ा/सूचना साझा करने का प्रावधान है।


पृष्‍ठभूमि : अवैध नशीली दवाइयों की बिक्री एक वैश्विक अवैध व्‍यापार बन गई है। नशीले पदार्थों का बड़े स्‍तर पर उत्‍पादन और विभिन्‍न सरल मार्गों खासकर अफगानिस्‍तान के जरिए इसका प्रसार बढ़ने से युवाओं के बीच इसका उपभोग ऊंचे स्‍तर पर पहुंच चुका है जिसका सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ा है और समाज का अपराधीकरण बढ़ा है। नशीले पदार्थों की बिक्री से दुनिया के विभिन्‍न क्षेत्रों में बगावत और आतंकवाद के लिए धन मुहैया होता है।