हमीरपुर जिले के सुजानपुर मेंऑरिएन्टेशन कार्यक्रम आयोजित

हिमाचल प्रदेश (फेस वार्ता ) हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के महानिदेशक राकेश कुमार ने कहा है कि हस्तशिल्प क्षेत्र के समग्र विकास के साथ.साथ देश के अलग.अलग क्राफ्ट क्लस्टर्स में दस्तकारों और शिल्पकारों एवं इस क्षेत्र से जुड़ी कमजोर वर्ग की महिलाओं की बेहतरी के लिए ईपीसीएच कई तरह की गतिविधियों आयोजित करता रहा है। ईपीसीएच द्वारा समय.समय पर कार्यशालाओंए सेमिनार और उद्यमिता एवं डिजाइन विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है ताकि देश के सुदूर क्षेत्रों में बेहतरीन शिल्प का उत्पादन कर रहे शिल्पकारों को नए डिजाइन इनपुट उपलब्ध कराए जा सकें और वे वर्तमान दौर और अंतरराष्ट्रीय बाजार के ट्रेंड्स के अनुरूप अपने शिल्प में निखार ला सकें। 



 राकेश कुमार ने कहा कि देवभूमि हिमाचल के शिल्पकारों ने अपनी सृजन क्षमता की बदौलत हैंडीक्राफ्ट की चकित कर देने वाली रेंज तैयार की है। स्टोन्सए मेटल स्टेच्यू से लेकर डॉलए पॉटरीए पेंटिंग्सए रग्सए कारपेट्सए शॉल्स और ज्यूलरी तक हिमाचल प्रदेश के हैंडीक्राफ्ट में विविधता भरी पड़ी है। लेकिनए डिजाइन डेवलपमेंटए कौशल निखार और मार्केट लिंकेज के सीमित अवसर होने के कारण यहां के दस्तकारों और शिल्पकारों के सामने चुनौतियां भी बहुत हैं। इन चुनौतियों के कारण हिमाचल प्रदेश के उत्पादों की विपणन क्षमता प्रभावित हो रही है। 
श्री कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिमाचली उत्पादों की भारी मांग को देखते हुए ईपीसीएच ने हिमाचल प्रदेश में शिल्पकारों के लिए काम कर रही गैर.सरकारी संस्था प्रयास के साथ मिलकर सोमवार को हमीरपुर जिले के सुजानपुर में एक ऑरिएन्टेशन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मकसद निर्धारित पाठ्यक्रमए डिजाइन डेवलपमेंटए गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने वाली उत्पादन प्रक्रियाए अंतरराष्ट्रीय उत्पाद विनियमों की पालना के माध्यम से शिल्पकारों का कौशल सम्वर्धन कर उन्हें सम्बल प्रदान करना था। साथ हीए शिल्पकारों को ईपीसीएच द्वारा आयोजित मेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करनाताकि वे विदेशी खरीददारों के साथ सीधे मार्केट लिंकेज बना सकें।
इस कार्यक्रम में शिल्पगुरु ओण्पीण् मल्होत्रा राष्ट्रीय औषधीय पादप मंडल के क्षेत्रीय निदेशक  अरुण चंदन जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक विजय कुमार उपायुक्त ;हैंडीक्राफ्ट्सद्ध कार्यालत के अतिरिक्त निदेशक अवधेश कुमार एवं निफ्ट के एसोसिएट प्रोफेसर संदीप सचान ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।  
सुजानुपर ;हिमाचल प्रदेशद्ध की उपखण्ड मजिस्ट्रेट सुश्री शिल्पी बेकता ने अपने सम्बोधन में प्रतिभागियों को उद्यमिता को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश मंा स्किल तो पहले से ही उपलब्ध हैए बस इन्हें डिजाइन और उत्पाद विकास जुड़े पर्याप्त इनपुट उपलब्ध कराने की जरूरत है ताकि वे ईपीसीएच की मदद से अपने उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच सकें।  
राष्ट्रीय औषधीय पादप मंडल के क्षेत्रीय निदेशक अरुण चंदन ने इस अवसर पर उद्यमियों को हिमाचल में बहुतायत से उपलब्ध ज्ंनत की पत्तियों से पत्तल और दोना उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि इस तरह वे पूरे विश्व में चल रही प्लास्टिक फ्री मुहिम का फायदा उठा सकते हैं।  
राकेश कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिल्पकारों को सम्बल प्रदान करने की इस पहल से उनका मार्केट लिंकेज सुधरेगा आजीविका का स्तर सुधरेगा और साथ ही शिल्पकार स्वयं को निर्यातक की भूमिका में भी ला सकेंगे।