अजय यादव फारच्यूनर कार के साथ गिरफ्तार |

नोएडा : प्रियंका यादव पुत्री राजेन्द्र यादव पत्नी विशाल यादव निवासी गुरुग्राम हरियाणा के द्वारा जनता दर्शन मे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद गौतमबुद्धनगर को एक प्रार्थना पत्र इस आशय से दिया गया कि अजय यादव एवंम अरुण यादव पुत्र महेन्द्र यादव निवासी सर्फाबाद मेरे देवर मुकेश यादव के साले है जिसमे मुकेश यादव की शादी प्रीति यादव पुत्री महेन्द्र यादव निवासी ग्राम सर्फाबाद से हुई थी आवेदिका के पूर्व पते रोहिणी दिल्ली पर आयी हूई बैक चैक बुक को अजय यादव एवंम अरूण यादव द्वारा प्राप्त करके चैको का दुरुपयोग किया गया एंवम फर्जी हस्ताक्षर बनाये गये जिसमे हरेन्द्र ठाकुर एंवम पूरन यादव भी शामिल रहे है और इसके अलावा इनके द्वारा असत्य एवंम झूठे शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए  उच्च न्यायालय इलाहाबाद से आपराधिक अभियोग के परीक्षण मे खुद को आपराधिक केस संख्या 528/98 व मु0अ0स0 297/97 का साक्षी दर्शाते हुए गनर ले लिया गया अजय यादव के भाई अरुण यादव द्वारा भी ऎसी ही किया गया जिसके द्वारा उच्च न्यायालय का आदेश दिनांक 05.04.2011 मिस बैच न0 3208/11 दायर की गयी है



इस प्रार्थना पत्र के आधार पर श्रीमान क्षैत्राधिकारी नगर तृतीय श्री विमल कुमार द्वारा आरोपो के तथ्यो के आलोक मे एक जांच की गयी जाच के मध्य प्रियंका यादव आरोपित अजय यादव अरुण यादव पुत्र भोले यादव विशाल यादव पुत्र स्व0 कृष्णपाल यादव ( मृतक मु0अ0स0) 229/97) के विस्तृत कथन अंकित किये गये ओर सम्बन्धित दस्तावेज उच्च न्यायालय इलाहाबाद रिट पिटिशन संख्या 3208/11 दिनांक 05.04.2011 जिलाधिकारी महोदय को प्रस्तुत प्रार्थना पत्र द्वारा अरुण यादव दिनांक 02.08.2013 जनपदीय सुरक्षा समिति की संस्तुति दिनांक 01.11.2013 सिविल मिस रिट 7682/14 अरुण यादव बनाम स्टेट ऑफ यू0पी0 एवंम दिनांक 10.06.2011 के सत्र परीक्षण संख्या 528/98 मु0अ0स0 229/97 के निर्णय आदि का विस्तार से अवलोकन किया गया प्रकरण मे प्रथम दृष्टया पाया गया कि अरुण यादव अजय यादव पुत्र महेन्द्र सिंह निर्णित केस उपरोक्त के साक्षी नही थे तथा वास्तविक गवाह अरुण यादव पुत्र भोले यादव के पिता का भोले शब्द प्रयोग करते हुए हाई कोर्ट मे झूठे शपथ पत्र प्रस्तुत कर न्यायालय को गुमराह करके प्रतिरुपण एवम छल करते हुए न्यायालय से उपरोक्त आदेश प्राप्त किया गया इसमे इनका भाई अमित यादव भी आपराधिक षडयन्त्र मे शामिल रहा है इस प्रकार अजय यादव द्वारा छल साधा करते हुए वर्ष 2011 से 2019 अवधि तक निशुल्क गनर प्राप्त करके राज्य सरकार को बहुत बडी आर्थिक क्षति प्रदान की गयी है इनके विरुद्द थाना सैक्टर 49 पर *मु0अ0सं0 1287/19 धारा 419,420,467,468,471,482,120 बी भादवि0* पंजीकृत किया गया। 
 अभियोग पंजीकृत होने के उपरान्त अभियुक्त अजय यादव पुत्र महेन्द्र सिह निवासी सर्फाबाद थाना सैक्टर 49 नोएडा को गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से एक *फारच्यूनर कार नं0 यूपी 16 टीसी 0003 जिसके आगे शीशे पर एक स्टीकर संसद सदस्य 17वीं लोक सभा 2019 एमपी लेबल सं0 एलएम-146 वाहन नं0 यूपी 16 टीसी 0003 लगा है। वाहन के सम्बन्ध में जानकारी की तो कार का असली नं0 यूपी 14 डीडी 1111 है।  अभियुक्त को गिरफ्तार कर  न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत किया है।